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FDI इन रिटेल....शायद भारत फिर से गुलाम होने जा रहा हे....!

Posted On: 25 Nov, 2011 Others में

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दोस्तों कई दिनों से में बहुत परेशान हू और यहाँ मेरे दिल का दर्द बयां कार रहा हू…. क्योकि बहुत बुरी खबर हे…शायद भारत फिर से गुलाम होने जा रहा हे….

इतिहास में जहाँगीर ने एक गलती की थी और East India Company को व्यापर करने का लाईसंस दिया था और हम 250 साल तक गुलाम हुए थे… इस बार ये ‘मन-मोहन’ विदेशी कंपनियो का दलाल…..जहाँगीर बन रहा हे और सारी विदेशी कम्पनियो को इतना बड़ा बाज़ार दे कर भारत को गुलाम बनाने जा रहा हे….जरा सोचो कोई विदेशी कंपनी महंगाई कम करने में हमारी मदद क्यों करेगी…??? आपको कोइ नेपाल या केन्या जैसे भारत से भी ज्यादा गरीब देश में व्यापार करने को कहे तो आपका मकसद क्या होगा…..??? स्वाभाविक हे सब को मुनाफा ही चाहिए…तो ये मुनाफा लूटने आप उनके बाज़ार पर एक बार कब्ज़ा होने के बाद उनको लूटोगे …ऐसे ही ये सब कंपनिया हमारी जेब लूटेगी…..हमारे वोह सभी पैसे विदेश में चले जायेंगे, करोडो छोटे छोटे दुकानदार और व्यापारी खतम हो जायेंगे और ज्यादा बेकारी बढ़ेगी….

1==> सरकार कहती हे इससे ‘प्रतिस्पर्धा’ बढ़ेगी और जनता को फायदा होगा…..!! प्रतिस्पर्धा किसके बिच होता हे…?? एक तरफ तो WALL MART,CARREFOUR जैसे अरबो में व्यापार करने वाली विदेशी कंपनी हे और दूसरी तरफ छोटे छोटे व्यापारी हे …… PEPSI और COKE को लायसेंस देते वक्त भी यही कहा गया था की ये compitition बढ़ाएगी और जनता को फायदा होगा…..पर हुआ क्या…..??? THUMS UP,LIMCA,SOSYO जो भारतीय ब्रांड थे सब भी PEPSI और COKE के कब्जे में चले गए …और आज कोई मार्केट ना होने से उसको खुली छूट हे…वोही हुआ जो लोग हम सोचते थे जो PEPSI कभी 3 Rs में बिक रही थी आज वो 12 Rs में बिक रही हे, जबी आज भी वोही PEPSI 70 पैसे में बन रही हे और सरकार पर उसका कोई नियंत्रण ही नहीं हे….. ….

2==> सरकार कहती हे इससे विदेशी ‘पूंजी’ आएगी और देश के अर्थ तंत्र को फायदा होगा…..जरा सोचो ये कंपनिया पैसा लाएगी की मुनाफा करके देश का पैसा लूटके चली जायेगी…..जरा सोचो जब अमेरिका और अन्य यूरोपीय देश दिवालिये हो रहे है, उनके खुद के पास पूँजी ख़त्म हो रही है तो क्या वे बेवकूफ है जो अपने देश की वजय किसी दुसरे देश में पूँजी लगायेंगे…….और भारत में भी ये कंपनिया पूँजी लाते तो बहुत कम है लेकिन उससे कई गुना ज्यादा पूँजी यहाँ से हर साल लूट कर ले जाते है….

३==> सरकार कहती है की ‘रोजगार’ बढेगा और देश के लोगो को काम मिलेगा…..जबकि हकीकत यह है की जब कोई भी विदेशी कंपनी भारत आती है तो राजगार तो बहुत थोड़े से लोगो को देती है लेकिन उसके फलस्वरूप अनेको कारीगर-मजदूर-दुकानदार-व्यापारी बेरोजगार हो जाते है………एक ‘बाटा’ कंपनी आयी जिसने रोजगार तो कुछ सेकड़ो को दिया लेकिन हमारे लाखो ‘मोची’ भाई बेरोजगार हो गए….अब आप ही बताये ये राजगार बढाती है या घटाती है…??

भारत मे लगातार मेंहगाई इन्ही देशद्रोहियों की वजह से बढ़ रही है ये देशद्रोही लगातार भारत का सारा धन विदेशों मे पहुँचा रहे हैं और किसी मे इतना दम नही की इनकी जाँच कर ले या कोई सवाल भी पूच्छ ले….एक MEDIA जो लोकतंत्र का चोथा स्तंभ वो भी इस काले अँग्रेज़ों के चंगुल मे है बिका हुआ है…

हमे ही कुछ कदम ऊठाने होंगे ,कुछ बदले से तेवर दिखाने होंगे,

ऐ मेरे दोस्तों ज़रा नींद से जागो ! कुच्छ कर्तव्य हमें भी निभाने होंगे…

वरना, ज़मीन बेच देंगे, गगन बेच देंगे,नदी, नाले, पर्वत, चमन बेच देंगे,

अरे! नौजवानों अभी तुम ना संभले,तो ये भ्रष्ट नेता वतन बेच देंगे…

अतः WALLMART और CARREFOUR जैसे कंपनियों का पूरे जोश से विरोध करे और आप अगर सोच रहे हैं क़ि कोई मसीहा आएगा और सब बदल देगा तो आप ग़लतफ़हमी में जी रहे हैं | हमें ही सड़कों पर उतरना होगा और और इस व्यवस्था को जड मूल से समाप्त करना होगा | भगवान भी उसी की मदद करते हैं जो अपनी मदद स्वयं करता है |

जय हिंद….. वंदे मातरम…..भारत माता की जय

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

surendra के द्वारा
November 26, 2011

कांग्रेस आखिर चाहती क्या है? वाल मार्ट और उसके जैसी लुटेरी कंपनियों के भारत में किराना स्टोर खोलने पर क्या होगा…….. श्री अडवानी जी कहाँ हैं….क्या सोनिया जी के तलवे चाट रहे हैं?.. उन्होंने तो सोनिया का character certificate भी पहले ही दे रखा है. क्या उनकी भी मौन सहमति है वाल मार्ट को खोलने के लिए? कुछ जानकारियों: १-अकेले वाल मार्ट की परिसम्पत्तियो की कीमत ४० गरीब देशो की कुल आय से भी ज्यादा है. २-एक बार ये कंपनी भारत आ गयी तो इसके जाने से पहले भारत के कईं करोड़ लोगो को मरना होगा क्योकि एक छोटी सी ईस्ट इंडिया कंपनी को भगाने के लिए ६५०००० लोगो ने अपनी जान दी थी. ३-भारत सरकार को निश्चित ही विदेशी लोग चला रहे है इसी लिए इन्होने विदेशियों को भारत में किराना स्टोर खोलने की अनुमति दे दी है,क्या भारत के लोगों को किराना दुकान चलाना नहीं आता? ४-भारत में १२०००००० लोग ठेले पर, फूटपाथ पर, सर पर सब्जी, कपडा, बर्तन, आदि सभी सामानों को बेचकर जीविका चलाते है अब इसमे से कम से कम ७०% या कहिए की करीब ८५००००० लोग ४ साल के अन्दर दुकान बंद करे के लिए बाध्य हो जायेंगे और समाज में मार काट चोरी- भुखमरी मचेगी. भारत में वैसे ही २० करोड़ लोग खाटी बेरोजगार है यानि भारत में बेरोजगारों की संख्या में बेतहासा वृद्धि होगी. ५-ये विदेशी कंपनिया यहाँ मुनाफा कमाने के लिए आ रही हैं, यानि मुनाफा विदेश जायेगा और विदेशी माल बेचने से भारत में और बेरोजगारी आयेगी और सभी स्वदेशी कारखाने जल्दी ही बंद हो जायेगे. ६-अब स्वदेशी से स्वावलंबन का सपना शायद ही पूरा हो पाए यानि नेहरू का दस्तखत किया हुआ “ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर अग्रीमेंट ” पूरी तरह से अब लागु हो रहा है जो अंग्रेजो के द्वारा पास किये गए “इंडियन इनडीपेंडेंस एक्ट-१९४७” के हिसाब से चल रहा है. अब भारत में विषमुक्त खेती की बात करना और आयुर्वेद को बढ़ावा सब बेमानी हो जायेगा. ७-बहुत सारे कानून बनाने थे, विदेशी किराना दुकान का कानून लाना क्यों जरुरी था? ये ऐसे ही जैसे की कांग्रेस काला धन लाना चाहती है. यदि निवेश चाहिए तो काला धन लाइए, रामदेव बाबा का समर्थन कीजिये, भारत में १०० लाख करोड़ का काला धन पहले से है. और २५० लाख करोड़ बाहर जमा है.. कांग्रेस इस देश को अब कब तक विदेशियो से लूट्वाएगी?? ए तो वैसे है जैसे चिदंबरम ने सोनिया के कहने से ८ इटालियन और ४ चोर स्विस बैंक चोरी चोरी खुलवाये थे. अब आगे क्या होगा….. इस देश को अंग्रेजो ने काले अंग्रेजो के साथ मिलकर बर्बाद किया था और आगे भी करेंगे…. जय भारत,

Piyush Kumar Pant के द्वारा
November 25, 2011

अच्छा लेख……..


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